क्या EVM वास्तव में सुरक्षित है? जानिए पूरा सच

क्या EVM वास्तव में सुरक्षित है? जानिए पूरा सच

भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में चुनाव करवाना दुनिया का सबसे बड़ा प्रशासनिक काम है। हर चुनाव में एक सवाल जरूर उठता है—क्या EVM भरोसेमंद है? क्या इसमें गड़बड़ी हो सकती है?
आइए बिना तकनीकी शब्दों में घुसे, बिल्कुल सरल भाषा में समझते हैं कि EVM में सच में कितना भरोसा किया जा सकता है।


1. EVM क्या है और कैसे काम करती है?

EVM (Electronic Voting Machine) दो हिस्सों वाली मशीन है:

  • Ballot Unit (BU) – जहां वोटर बटन दबाता है

  • Control Unit (CU) – जो मतदान अधिकारी के पास रहती है और वोट रिकॉर्ड करती है

सबसे बड़ी बात—EVM किसी भी नेटवर्क से नहीं जुड़ती
इसमें WiFi, Bluetooth, SIM, Internet—कुछ भी नहीं होता।

यानी इसे दूर बैठे कोई हैक नहीं कर सकता।


2. क्या EVM को हैक करना संभव है?

तकनीकी रूप से नहीं। इसके कारण:

  • EVM बिल्कुल standalone device है

  • इसमें बाहरी कम्युनिकेशन नहीं होता

  • सॉफ्टवेयर one-time programmable होता है (एक बार लिखा → बदल नहीं सकता)

  • मशीन की हर मूवमेंट सील और सुरक्षा में होती है

  • किसी को भी मशीन तक अकेले पहुँचने की अनुमति नहीं होती

मतलब, इसे हैक करने के लिए मशीन को सीधे पकड़ना पड़ेगा—जो चुनाव आयोग के 24×7 निगरानी सिस्टम में लगभग असंभव है।


3. VVPAT से पारदर्शिता दोगुनी

VVPAT (Voter Verified Paper Audit Trail) का मतलब:

  • आप बटन दबाते हैं

  • सामने स्क्रीन पर 7 सेकंड के लिए आपके वोट की पर्ची दिखती है

  • वह पर्ची मशीन के अंदर सुरक्षित चली जाती है

अगर विवाद हो, तो कागज़ की पर्चियों से भी मिलान किया जा सकता है।

इससे EVM में पारदर्शिता और मजबूत हो गई है।


4. सुरक्षा की 7 परतें

भारत की EVM में ये सुरक्षा स्तर लागू होते हैं:

  1. तकनीकी टीम, राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग की संयुक्त जांच

  2. सीलिंग और नंबरिंग—जिसका रिकॉर्ड हर पार्टी के पास

  3. CCTV निगरानी

  4. स्ट्रॉन्ग रूम में 24 घंटे पुलिस सुरक्षा

  5. उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को स्ट्रॉन्ग रूम दिखाना

  6. Counting दिन सभी की मौजूदगी में मशीन खोली जाती है

  7. किसी भी मशीन का रैंडम चेक VVPAT से मिलान

इतना कठोर सिस्टम दुनिया में शायद ही कहीं हो।


5. फिर लोग क्यों शक करते हैं?

यह सवाल भी जरूरी है।

  • कई बार राजनीतिक दल हार का ठीकरा मशीन पर फोड़ देते हैं

  • सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलती है

  • लोग तकनीकी प्रक्रिया को ठीक से जानते नहीं

  • अफवाहें ज्यादा तेजी से चलती हैं

यही कारण है कि EVM पर बहस खत्म नहीं होती।


6. तो क्या EVM भरोसेमंद है?

तकनीक, सुरक्षा और निगरानी के लिहाज़ से—हाँ, भारत की EVM बेहद सुरक्षित है।
VVPAT की वजह से यह प्रक्रिया और भी पारदर्शी हो चुकी है।
अगर कहीं गड़बड़ी होती तो हर विधानसभा/लोकसभा में नतीजे समान दिशा में जाते—जो कि भारत में कभी नहीं हुआ।

EVM पर भरोसा रखने की सबसे बड़ी वजह यही है कि यह पूरी तरह ऑफलाइन, सरल और छेड़छाड़-रोधी तकनीक है।

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